इण्डो-नेपाल सीमा पर नेपाल की सीमा में रहने वाली राधा अपनी माँ द्वारा बकरियाँ चराने का काम बताने से नाराज होकर दिसम्बर, 2018 में घर से निकल तो गई, लेकिन उसे खुद नहीं पता था कि आखिर जाना कहाँ है और इसी उधेड़बुन में रेल से सफर करती हुई सैंकड़ों किलोमीटर दूर राजस्थान के जयपुर में आ पहुंची। यहाँ पुलिस द्वारा उसे बालिका गृह में आवासित करवाया गया। बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण LOST FOUND PERSON के ध्यान में लाये जाने पर बालिका के परिवार की तलाश के प्रयास किये गये और अप्रैल, 2019 में नेपाल में गुरहेनवा रेल्वे स्टेशन के पास स्थित एक छोटे से गांव में राधा का परिवार तलाश कर उसकी माँ को सूचना दी गई और बालिका को उसके घर भिजवाया गया।
संस्थापक के शब्द -
‘‘मुझे बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती निशा पारीक द्वारा बताया गया कि राधा नामक एक बालिका को बालिका गृह में आवासित किया गया है, जो खुद का परिवार नेपाल में बता रही है। बालिका गृह की अधीक्षक सुश्री पूजा और काउंसलर श्रीमती सीमा भार्गव के सहयोग से मेरे द्वारा बालिका की काउंसिलिंग की गई और राधा के परिवार की तलाश प्रारंभ हुई। अंततः नासिक (महाराष्ट्र) निवासी श्री नीलेश भाई, कलकत्ता (पश्चिमी बंगाल) निवासी श्री श्रीगोपाल तापड़िया और बरगनिया (बिहार) निवासी श्री अमित के विशेष प्रयासों से हमने अप्रैल, 2019 में इण्डो-नेपाल सीमा पर नेपाल में गुरहेनवा रेल्वे स्टेशन के पास एक छोटे से गांव में राधा का परिवार तलाश लिया।
दरअसल, राधा अपनी माँ द्वारा बकरियाँ चराने का काम बताने से नाराज होकर दिसम्बर, 2018 में घर से निकल तो गई, लेकिन उसे खुद नहीं पता था कि आखिर जाना कहाँ है और इसी उधेड़बुन में रेल से सफर करती हुई वह जयपुर (राजस्थान) आ पहुंची। यहाँ पुलिस की नजर पड़ने पर उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेशकर बालिका गृह में आवासित किया गया।
अपनी खोई हुई बच्ची की सूचना पाकर अनेक आशंकाओं से घिरी हुई राधा की माँ बहुत खुश हुई। इसके बाद राधा की उसकी मां से वीडियो कॉलिंग करवाई गई और फिर बाल कल्याण समिति द्वारा राधा को उसके घर भिजवाया गया।‘‘
--- राहुल शर्मा
आभार -
बाल कल्याण समिति, जयपुर (राजस्थान) की सदस्य निशा पारीक, बालिका गृह, जयपुर (राजस्थान) की अधीक्षक पूजा और काउंसलर सीमा भार्गव के साथ-साथ विशेष सहयोग हेतु नासिक (महाराष्ट्र) निवासी नीलेश भाई, कलकत्ता (पश्चिमी बंगाल) निवासी श्रीगोपाल तापड़िया, बरगनिया (बिहार) निवासी अमित का बहुत-बहुत आभार।